जागे वोटर, टूटे रिकार्ड

वरीय संवाददाता
रांची : झारखंड की छह लोकसभा सीट रांची, हजारीबाग, गिरिडीह, खूंटी, सिंहभूम व जमशेदपुर में गुरुवार को मतदान शांतिपूर्ण हुआ। 62 प्रतिशत वोटिंग हुई। 85,19,838 में से 52,50,509 मतदाताओं ने वोट डाले। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी पीके जाजोेरिया ने पत्रकारों को बताया कि लगभग वोटिंग में पिछले बार की तुलना में लगभग 11 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। फाइनल रिपोर्ट आने पर वोटिंग प्रतिशत में कुछ और वृद्धि संभव है। उन्होंने बताया कि छिटपुट घटनाओं को छोड़कर मतदान पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा। इवीएम खराब होने की 122 शिकायतें मिलीं थीं। समय पर सभी इवीएम बदल दी गयीं। इस चरण में 106 प्रत्याशी चुनावी मैदान में थे। पत्रकारों से बातचीत में उप मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी केके सोन व अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी हिमानी पांडेय भी मौजूद थीं।

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बिहार मेें 55 फीसदी वोटिंग

एजेंसी
पटना : बिहार में दूसरे दौर में गुरुवार को सात संसदीय सीटों पर मतदान हुआ। कड़ी धूप के बावजूद लोगों ने बढ़-चढ़कर मतदान में हिस्सा लिया। पिछले लोकसभा चुनाव के मुकाबले इस बार मतदान प्रतिशत में इजाफा हुआ। मतदान खत्म होने तक 55 फीसद मतदान हुआ। कई बूथों पर मतदाता सूची में गड़बड़ी के कारण हंगामे की भी खबर है। कई जगह ईवीएम खराब होने से मतदाता घंटों लाइन में लगे रहे। पाटलिपुत्र लोकसभा क्षेत्र से राजद प्रत्याशी मीसा भारती पर ईवीएम तोड़ने के मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई है। वहीं मुंगेर संसदीय सीट पर लखीसराय के गरसंडा गाव में बूथ संख्या 232 पर लोजपा और जदयू कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई। बूथ निरीक्षण को पहुंची लोजपा प्रत्याशी वीणा देवी को ग्रामीणों ने खदेड़ दिया। उनका आरोप है कि वहा जदयू के लोगों ने बूथ पर कब्जा कर लिया था। इस पर लोजपा समर्थक वहा पहुंच गए और दोनों पक्षों के बीच मारपीट व पथराव शुरू हो गया। इस दौरान वीणा देवी ने स्कूल के एक कमरे में छिपकर अपनी जान बचाई। सूचना मिलने पर जिला निर्वाचन पदाधिकारी अमरेंद्र प्रसाद सिंह तथा एसपी अशोक कुमार वहा पहुंचे और वीणा देवी को सुरक्षा के बीच गाव से बाहर निकलने में सहयोग किया। जदयू प्रत्याशी ललन सिंह भी वहा पहुंच गए थे। उन्होंने कहा कि लोजपा प्रत्याशी ने बूथ लूटने का प्रयास किया। जबकि वीणा देवी का कहना है कि जदयू ने ही बूथ कब्जा कर रखा था। मारपीट व पथराव में माइक्रो आॅब्जर्वर भी जख्मी हो गए हैं। जदयू और लोजपा की तरफ से प्राथमिकी दर्ज किए जाने की कारर्वाई की गई है। इस कारण वहां एक घटे तक मतदान बाधित रहा। मोकामा में जदयू विधायक अनंत सिंह और लोजपा प्रत्याशी वीणा देवी के पति सूरजभान को पुलिस ने हिरासत में लिया।
शाम तक नालंदा, आरा, बक्सर, जहानाबाद, मुंगेर, पटना साहिब और पाटिलपुत्र सीटों पर 50 प्रतिशत से अधिक मतदान हुआ। कुल 117 उम्मीदवारों का भविष्य ईवीएम में कैद हो गया। कई जगहों पर लोगों ने विकास नहीं तो वोट नहीं का नारा लगाते हुए चुनाव का बहिष्कार भी किया। पटना में भाजपा के वरिष्ठ नेता सीपी ठाकुर वोटर आइडी के बाद भी वोट नहीं डाल सके। कंट्रोल रूम पहुंच शिकायत की जिस पर डीएम ने 223344 नंबर पर शिकायत करने को कहा। डीजीपी अभयानंद भी मतदाता सूची में   नाम न होने से पटना साहिब संसदीय क्षेत्र में वोट नहीं डाल सके। पटना के पशु चिकित्सा कालेज स्थित एक मतदान केंद्र पर राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद और उनकी पत्??नी राबड़ी देवी, बड़ी पुत्री और पाटलिपुत्र संसदीय क्षेत्र से प्रत्याशी मीसा भारती ने मतदान किया। जमालरोड स्थित मतदान केंद्र संख्या 116 पर पाटलिपुत्र लोकसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार रामकृपाल यादव ने अपने मताधिकार का उपयोग किया। पाटलिपुत्र संसदीय क्षेत्र के बिक्रम विधानसभा क्षेत्र में बूथ नंबर 34 पर ईवीएम तोड़ी गई। घटना के वक्त मौके पर मीसा भारती मौजूद थीं। पटना के चुनाव अधिकारी आर लक्ष्मण के अनुसार मीसा के खिलाफ बिहटा थाने में एफआइआर दर्ज किया गया है। चुनाव में बाधा पहुंचाने की कोशिश में 20 अन्य लोगों पर भी प्राथमिकी दर्ज हुई है। डीएम और एसपी मामले को देख रहे हैं। पूरे विवाद पर मीसा का दावा है कि बूथ नंबर 34 को कुछ असामाजिक तत्वों ने घेर लिया था। मीसा के मुताबिक कुछ लोग बूथ के अंदर बैठकर बटन दबा रहे थे और महिलाएं वोट डालने के लिए अपनी बारी का इंतजार कर रही थीं। इसका विरोध करने पर उन लोगों ने उनके साथ हाथापाई की। बाद में इन्हीं असामाजिक तत्वों ने वोटिंग मशीन को तोड़ दिया। विवाद के बाद मौके पर पुलिस भी पहुंच गई।
जहानाबाद संसदीय क्षेत्र में नवाबगंज के बूथ संख्या 178 पर बोगस वोटिंग का आरोप है। मखदुमपुर में कुछ लोगों को वोट देने से रोका गया है। लोगों ने पुलिस पर मिलीभगत का आरोप लगाया। जबकि एक बूथ पर कुछ असामाजिक तत्वों ने दहशत फैलाने के लिए फायरिंग की।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गृह क्षेत्र नालंदा लोकसभा क्षेत्र में 10 गावों के मतदाताओं ने सड़क और बिजली को लेकर मतदान का बहिष्कार किया। राजगीर के बूथ नंबर 70 व 46 पर लोग ईवीएम बदलने का विरोध करते रहे। 11 बजे तक मतदान प्रक्रिया ठप रही। चंडी के बूथ संख्या 111 सिकरिया में मतदान केंद्र पर तालाबंदी की सूचना पर जिलाधिकारी के आदेश पर ताला तोड़ा गया। हिलसा विस क्षेत्र के कराय परसुराय प्रखंड के चौरासी गांव स्थित बूथ संख्या 51 के पास से डियावां के पैक्स अध्यक्ष नंदलाल सिंह को चालीस हजार रुपये के साथ गिरफ्तार किया गया। हरनौत के बस्ती गांव में भी बूथ के पास से एक व्यक्ति को तीस हजार रुपये और तीन मोबाइल के साथ पकड़ा गया।
आरा संसदीय क्षेत्र में 29 स्थानों पर इवीएम में तकनीकी गड़बड़ी आई जिसे दुरुस्त कर पुन: मतदान शुरू करा दिया गया। पांच स्थानों पर लोगों ने वोट बहिष्कार किया। बक्सर संसदीय क्षेत्र में कहीं से किसी प्रकार की अप्रिय घटना की सूचना नहीं है। घेउरिया में मतदाताओं ने वोट का बहिष्कार किया।

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बेंगलुरु की प्रभावशाली जीत

एजेंसी
शारजाह : कप्तान विराट कोहली (नाबाद 49) के नेतृत्व में अपने बल्लेबाजों के उम्दा प्रदर्शन के बूते रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु टीम ने गुरुवार को शारजाह क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए आइपीएल के सातवें संस्करण के अपने पहले लीग मैच में दिल्ली डेयरडेविल्स को आठ विकेट से हरा दिया। डेयरडेविल्स ने पहले बल्लेबाजी करते हुए रॉयल चैलेंजर्स के सामने 146 रनों का लक्ष्य रखा था, जिसे उसने 16.4 ओवरों में दो विकेट खोकर हासिल कर लिया। कोहली ने अपनी 38 गेंदों की पारी में दो चौके और तीन छक्के लगाए जबकि पार्थिव पटेल ने 28 गेंदों पर पांच चौकों और एक छक्के की मदद से 37 रनों की तेज पारी खेली। युवराज सिंह 52 रनों पर नाबाद लौटे। रॉयल चैलेंजर्स ने 6 रन के कुल योग पर अपने सलामी बल्लेबाज निक मेडिनसन (4) का विकेट गंवा दिया था। इसके बाद पार्थिव और कोहली ने दूसरे विकेट के लिए 42 गेंदों पर 56 रनों की साझेदारी की। पार्थिव का विकेट 62 के कुल योग पर गिरा। इसके बाद युवराज और कोहली ने तीसरे विकेट के लिए 47 गेंदों पर 84 रन जोड़े। टी-20 विश्व कप में अपनी धीमी बल्लेबाजी के लिए चारो ओर से आलोचना झेलने वाले युवराज ने 29 गेंदों पर तीन चौके और पांच छक्के लगाए। युवराज को रॉयल चैलेंजर्स ने इस साल नीलामी में 14 करोड़ रुपये में हासिल किया था। वह आइपीएल के सबसे महंगे खिलाड़ी हैं। इससे पहले, नए रूप लेकिन अपने कप्तान केविन पीटरसन के बगैर मैदान में उतरी डेयरडेविल्स टीम ने टॉस हारने के बाद बल्लेबाजी करते हुए एक समय 35 रनों पर अपने चार शीर्ष बल्लेबाजों को गंवा दिया था लेकिन ज्यां पॉल डूमिनी (नाबाद 67) और रॉस टेलर (नाबाद 43) ने पांचवें विकेट के लिए 77 गेंदों पर 110 रनों की साझेदारी करते हुए अपनी टीम को 20 ओवरों में चार विकेट के नुकसान पर 145 रनों तक पहुंचने में मदद की। डूमिनी ने अपनी 48 गेंदों की पारी में चार चौके और तीन छक्के लगाए जबकि टेलर ने 39 गेंदों पर तीन चौके जड़े। डेयरडेविल्स ने मयंक अग्रवाल (6), मुरली विजय (18), कप्तान दिनेश कार्तिक (0) और मनोज तिवारी (1) को सस्ते में गंवा दिया था। अग्रवाल का विकेट 15 रन के कुल योग पर मिशेल स्टार्क ने लिया। इसके बाद 16 के कुल योग पर एल्बी मोर्कल ने कार्तिक को चलता किया। कुल योग में अभी एक रन ही जुड़ा था कि तिवारी भी चलते बने। तिवारी को वरुण एरॉन ने आउट किया। मुरली और डूमिनी ने इसके बाद चौथे विकेट के लिए 18 रन जोड़े। मुरली 20 गेंदों पर एक चौका और एक छक्का लगाकर 45 के कुल योग पर आउट हुए। एक समय ऐसा लग रहा था कि डेयरडेविल्स 100 रनों तक भी नहीं पहुंच पाएंगे लेकिन डूमिनी और टेलर ने टी-20 विश्व कप में अपने शानदार फार्म को जारी रखते हुए शतकीय साझेदारी के साथ अपनी टीम को सस्ते में समेटने की रॉयल चैलेंजर्स की रणनीति को नाकाम कर दिया और साथ ही अपनी टीम को लड़ने योग्य स्कोर दिया।
रॉयल चैलेंजर्स की ओर से स्टार्क, मोर्कल, एरॉन और यजुवेंद्र चहल ने एक-एक सफलता हासिल की।

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किन्नरों को तीसरे लिंग का दर्जा मिला

एजेंसी
नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को एक अहम फैसला सुनाते हुए किन्नरों या ट्रांसजेंडर्स को तीसरे लिंग के रूप में पहचान दे दी है। इससे पहले उन्हें मजबूरी में अपना जेंडर पुरुष या महिला बताना पड़ता था। सुप्रीम कोर्ट ने इसके साथ ही ट्रांसजेंडर्स को सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर तबके के रूप में पहचान करने के लिए कहा है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि शिक्षण संस्थानों में दाखिला लेते वक्त या नौकरी देते वक्त ट्रांसजेंडर्स की पहचान तीसरे लिंग के रूप में की जाए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि किन्नरों या तीसरे लिंग की पहचान के लिए कोई कानून न होने की वजह से उनके साथ शिक्षा या जॉब के क्षेत्र में भेदभाव नहीं किया जा सकता। यह पहली बार हुआ है, जब तीसरे लिंग को औपचारिक रूप से पहचान मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि तीसरे लिंग को ओबीसी माना जायेगा। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि इन्हें शिक्षा और नौकरी में ओबीसी के तौर पर रिजर्वेशन दिया जाये। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकारें से कहा कि तीसरे जेंडर वाली कम्यूनिटी के सामाजिक कल्याण के लिए योजनाएं चलाई जाएं और उनके प्रति समाज में हो रहे भेदभाव को खत्म करने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाए जाएं। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि इनके लिए स्पेशल पब्लिक टॉइलट बनाए जाएं और साथ ही उनकी हेल्थ से जुड़े मामलों को देखने के लिए स्पेशल डिपार्टमेंट बनाए जाएं।

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भाई-बहन में जुबानी जंग

एजेंसी
नई दिल्ली : बीजेपी महासचिव और सांसद वरुण गांधी ने अपनी बहन प्रियंका गांधी को जवाब दे दिया है। अपने रास्ते को देश का रास्ता बताते हुए उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत हमले के बजाय मुद्दे की राजनीति होनी चाहिए। प्रियंका गांधी ने जवाब में बड़ा हमला करते हुए कहा कि वरुण ने जो किया है, वह मेरे परिवार के साथ विश्वासघात है। वरुण ने प्रियंका का नाम लिए बिना सुल्तानपुर से पर्चा भरने के बाद कहा, मैं मुद्दों की राजनीति करता हूं। व्यक्तिगत हमला करना मेरी राजनीति का हिस्सा नहीं है। मेरे जेहन में हमेशा लक्ष्मण रेखा का ख्याल होता है और इसे पार नहीं कर सकता। मर्यादा मेरी राजनीति का हिस्सा है। यदि किसी को शक है तो वह मेरी राजनीतिक स्पीच को सुन सकता है। व्यक्तिगत हमले नहीं होने चाहिए।
प्रियंका ने वरुण पर मंगलवार को भी हमला बोला। उन्होंने अमेठी में कहा, यह परिवार की चाय पार्टी नहीं, बल्कि विचारधारा की लड़ाई है। इसका कोई मतलब नहीं है कि किसी से मेरा खून का रिश्ता है। यदि कोई विचारधारा की रेखा पार करेगा तो मेरा मानना है कि वह मेरे परिवार के साथ विश्वासघात कर रहा है। प्रियंका ने कहा, मैं भाई का प्रचार करने नहीं, बल्कि विचारधारा की लड़ाई लड़ने आई हूं। मेरे पिता ने देश के लिए जान दे दी। यदि मेरे पिता की शहादत को मेरा बेटा भी नकारेगा तो नहीं छोड़ूंगी। वरुण ने जो किया वह विश्वासघात है।

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मैं टॉफी नहीं, ट्रॉफी लाता हूं : मोदी

सन्मार्ग टीम
हजारीबाग/दुमका/धनबाद : भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि झारखंड में लोगों का उत्साह देखकर ऐसा लग रहा है कि दिल्ली में बीमार सरकार अब बच नहीं सकती। हम जिन बातों को उठा रहे थे आज उन्हीं के लोग उठाने लगे हैं। पूर्व कोयला सचिव पीसी पारेख और प्रधानमंत्री के मीडिया सलाहकार संजय बारु की किताब मां बेटी और दामाद की दास्तान बयां करता है। जय जवान जय किसान का नारा देकर लाल बहादुर शास्त्री ने किसानों के लिये आंदोलन खड़ा किया था, लेकिन मां-बेटे ने मर जवान मर किसान का संकल्प लिया है। मैं किसान दमन से मुक्ति दिलाना चाहता हूं और वो है कि गुब्बारे और टॉफी की बात कर रहे हैं। मैं बच्चा तो हूं नहीं कि इन चीजों से खेलूं। हम ट्रॉफी जीतकर लाते हैं। गुजरात सरकार ने युनाइटेड नेशन और देश स्तर पर 300 ट्रॉफी जीतकर लाया है। किसानों के अनाज की दाम के लिये एक पैमाना तय होनी चाहिए। देश में सुरक्षा प्रहरियों को मौत के घाट उतारा जा रहा है, जवानों का सिर काटकर ले जाया जा रहा है, किसान आत्म हत्या कर रहे हैं और मां बेटे, बेटी और दामाद का कारोबार चल रहा है। इस बार संसद भवन में कांग्रेसी कहीं नजर नहीं आयेंगे।
उन्होंने कहा कि मैं टीवी पर एक अखबार की लाइन देखा, जिसमें संजय बारु ने कहा है कि प्रधानमंत्री की बेटी ने कहा है कि बारु ने गद्दारी की है। घर की बात बाहर के लोगों को बतानी नहीं चाहिए थी। इससे स्पष्ट हो गया कि मनमोहन सिंह की सरकार कर क्या रही थी। 10 वर्ष के भीतर मैंने कभी-कभी कुछ कठोर बाते कह दिया हूं। लेकिन अब ऐसा लगता है कि मुझे ऐसा नहीं बोलना चाहिए था, क्योकि मां, बेटा, बेटी और दामाद मिलकर अपना कारोबार चला रहे हैं और कहने का प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह हैं। मोदी ने कहा कि वाजपेयी जी के समय फोर लेन बना। उनके अधूरे कामों को पूरा करेंगे। ग्राम सिंचाई योजना प्रारंभ किया जायेगा।

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अब वाराणसी में केजरी पर ‘पोस्टर वार’

एजेंसी
वाराणसी: आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल एक महीने लंबे प्रचार अभियान के लिए वाराणसी शहर पहुंचे, लेकिन यहां पहुंचते ही उनका स्वागत ऐसे पोस्टरों से हुआ जिसमें उनपर भगोड़ा होने का आरोप लगाया गया है। केजरीवाल द्वारा दिल्ली के मुख्यमंत्री के रूप में 49 दिनों के कार्यकाल के बाद इस्तीफा देने को वजह बता कर इस तरह के आरोप लगाए गए हैं।
गौरतलब है कि वाराणसी लोकसभा सीट से बीजेपी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी का सामना करने वाले केजरीवाल मंगलवार सुबह ट्रेन से यहां पहुंचे। इस दौरान उनके स्वागत के लिए कैंट रेलवे स्टेशन पर बड़ी संख्या में समर्थक मौजूद थे। एक तरफ आप समर्थकों ने फूल मालाओं से केजरीवाल का स्वागत किया तो दूसरी तरफ रेलवे स्टेशन के आसपास इस तरह के पोस्टर लगे हुए थे, जिसमें दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री को भगोड़ा करार दिया गया था। आप समर्थकों ने इस तरह के कई पोस्टरों को हटा दिया। इससे पहले दिल्ली में चुनाव प्रचार के दौरान केजरीवाल पर कई बार हमले हो चुके हैं। पिछली बार जब वह वाराणसी आए थे तो उन पर और आप के अन्य नेताओं पर काली स्याही फेंकी   गयी थी।

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‘आप’ नेताओं को राहत नहीं

एजेंसी
नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उनकी पार्टी के अन्य बड़े नेताओं के खिलाफ दायर मानहानि के केस में निचली अदालत में चल रही कायर्वाही पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। टेलिकॉम मिनिस्टर कपिल सिब्बल के बेटे अमित सिब्बल ने अरविंद केजरीवाल, शाजिया इल्मी, मनीष सिसोदिया और प्रशांत भूषण के खिलाफ उनपर निराधार आरोप लगाने पर मानहानि का केस किया है।
आम आदमी पार्टी नेताओं की तरफ से दलील देते हुए उनके वकील जयंत भूषण ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी कि ट्रायल कोर्ट की कायर्वाही पर तब तक रोक लगानी चाहिए, जब तक सुप्रीम कोर्ट में याचिका का निपटारा नहीं हो जाता। इस पर मामले की सुनवाई कर रही बेंच ने कहा इस दलील को अस्वीकार करते हुए कहा कि सिर्फ सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की सुनवाई की रफ्तार बढ़ाई जा सकती है। इस मामले की अगली सुनवाई 22 जुलाई को होगी। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने 7 फरवरी को अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी के दूसरे नेताओं को नोटिस जारी किया था। अमित ने आम आदमी पार्टी नेताओं द्वारा लगाए गए उन आरोपों के आधार पर यह मामला दायर किया था, जिसमें उनपर टेलिकॉम कंपनियों का पक्ष रखने के लिए अपने पिता की पोजिशन का फायदा उठाने की बात कही गई थी। ट्रायल कोर्ट ने केजरीवाल और दूसरे आप नेताओं को बीते साल समन जारी किया था, मगर उन लोगों ने इस कोर्ट में चल रही कायर्वाही रद्द करने के लिए हाई कोर्ट का रुख किया था। 16 जनवरी को दिल्ली हाई कोर्ट ने भी इन नेताओं के खिलाफ मानहानि का केस खारिज करने से इनकार कर दिया था।बीते साल हाई कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट से यह भी कहा था कि ह्यआपह्ण नेताओ लारा दाखिल की गई बरी किए जाने की याचिका पर विचार किया जाए। इस पर कपिल सिब्बल के बेटे अमित ने इस आदेश को चुनौती देते हुए कहा था कि हाई कोर्ट किसी की निजी शिकायत के आधार पर बने मामले में मैजिस्ट्रेट को बरी करने का अधिकार नहीं दे सकता। साथ ही उन्होंने यह भी कहा था कि हाई कोर्ट ने बिना मांगे ही आप नेताओं को कोर्ट में पेश होने से छूट दे दी। इसके बाद ‘आप’ नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट की शरण ली थी। सुप्रीम कोर्ट ने 7 फरवरी को अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी के दूसरे नेताओं को नोटिस जारी किया था। इस मामले की अगली सुनवाई 22 जुलाई को होगी।

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यूएई में आइपीएल-7 आज से

एजेंसी
नई दिल्ली : अबूधाबी में 16 अप्रैल से शुरू हो रहे आइपीएल के पहले मुकाबले मे मौजूदा चैम्पियन मुंबई इंडियंस और साल 2012 में आइपीएल का खिताब जीत चुकी टीम कोलकाता नाइट राइडर्स एक-दूसरे के आमने-सामने होंगे। शेख जाएद स्टेडियम में बुधवार को खेले जाने वाले इस मुकाबले में मुंबई इंडियंस रोहित शर्मा की अगुआई में जबकि केकेआर गौतम गंभीर की कप्तानी में एक-दूसरे को आजमाएंगी। दोनों टीम के खिलाड़ियों की बात की जाए तो मुंबई इंडियंस में रोहित शर्मा, कोरी एंडरसन, माइकल हसी, अंबाती रायडू, लासिथ मालिंगा और पोलार्ड जैसे धुरंधर मौजूद हैं जबकि केकेआर ने अपने पुराने धुरंधरों पर ही भरोसा जताया है। केकेआर टीम में गौतम गंभीर, जैक कैलिस, यूसुफ पठान, राबिन उथप्पा, सुनील नरेन और मोर्ने मोर्कल मौजूद हैं। वैसे तो दोनों टीमें फिलहाल बराबर ही नजर आती है मगर मुंबई इंडियंस टीम में मौजूद कोरी एंडरसन केकेआर के लिए सबसे बड़ी चुनौती साबित हो सकते हैं। एंडरसन फिलहाल अच्छे फार्म में हैं। उन्होंने हाल ही में बांग्लादेश में खेले गए टी 20 वर्ल्ड कप में शानदार खेल का प्रदर्शन किया था। वहीं रोहित शर्मा भी फिलहाल फार्म में हैं और केकेआर को उनसे भी निपटना होगा। दूसरी तरफ मुंबई इंडियंस को कप्तान गौतम की गंभीरता से भी जूझना होगा। वो पिछले कुछ समय से गंभीर घरेलू मैचों में अच्छा खेल रहे थे और उनका फार्म भी इस वक्त अच्छा है। दूसरी तरफ मैजिक बालर के नाम से मशहूर सुनील नरेन मुंबई इंडियंस के लिए मुसीबत बन सकते हैं। यानी कुल मिलाकर दोनों टीमों के बीच का ये मुकाबला बेहद शानदार होने वाला है।

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तिकोने पेंच में फंसीं चारों सीटें

सन्मार्ग टीम
रांची : लोकसभा चुनाव के लिए झारखंड के लिहाज से पहले दौर में चार सीटों पर वृहस्पतिवार को वोट पड़ेंगे। प्रचार का शोर थम चुका है। भाजपा, कांग्रेस, जेवीएम, आजसू, राजद, माले के स्टार प्रचारकों ने अपने प्रत्याशियों के पक्ष में ताबड़तोड़ सभाएं की हैं। भाजपा की ओर से नरेन्द्र मोदी इन चारों सीटों पर रैलियां कर चुके हैं। उग्रवाद प्रभावित इन सीटों पर कहीं-कहीं चुनाव बहिष्कार की धमक है, तो कहीं उग्रवादियों के समर्थन से एक-दो प्रत्याशियों के चेहरे की चमक भी बढ़ी है। निर्वाचन आयोग और प्रशासन के लिए इन क्षेत्रों में निर्विघ्न चुनाव संपन्न कराना एक चुनौती है। इन चार सीटों में एक है पलामू। उग्रवाद के अलावा सुखाड़ और पलायन से त्रस्त इस क्षेत्र में मुकाबला अंतत: त्रिकोणीय हो गया। यहां भाजपा के वीडी राम के कमल की पत्तियां खरोंचने में झाविमो के घुरन राम का कंघा लगा है, तो राजद के मनोज भुर्इंया का लालटेन अपनी आंच से कमल को मुरझाने और कंघे को पिघलाने में लगी है। अगर कंघा तेज चला और लालटेन का शीशा तोड़ने में सफल रहा तो कमल के खिलने की संभावना बढ़ जायेगी। यूं तो वर्तमान सांसद कामेश्वर बैठा इस बार तृणमूल कांग्रेस के प्रत्याशी हैं, लेकिन जनसमर्थन का उतना खाद-पानी उन्हें नहीं मिल पा रहा है कि उनके फूल-पत्ती हरी रह सके। जदयू के जोरावर राम का तीर भी भोथर हो गया है और माले की सुषमा मेहता भी ठिठक गयी हैं। चतरा सीट पर भी मुकाबला तिकोना है। उग्रवादियों के इस बिहड़ में कांग्रेस के धीरज साहु का पंजा भाजपा के सुनील सिंह के कमल को नोंचने और जेवीएम की नीलम देवी के कंघे को तोड़ने के लिए मचल रहा है। लेकिन कंघा दूर-दराज के क्षेत्रों में मिल रहे समर्थन से इतरा रहा है और संगठन शक्ति के बुते कमल मुस्कुरा रहा है। बावजूद इसके पंजे ने इन दोनों को बेचैन कर दिया है। मतदान के लिए गढ़ बचाने की जद्दोजहद होगी। कांग्रेस, झाविमो, भाजपा में से जो अपनी जमीन की पहरेदारी ठीक से कर लेगा, बाजी उसी के हाथ लगेगी। वैसे तो यहां आजसू के नागमणी का केला भी जहां-तहां दिखाई दे रहा है और सपा के केश्वर यादव की साइकिल भी कुछ इलाकों में ठीक चल रही है।
लोहरदगा में मुकाबले की तस्वीर पिछले चुनाव जैसी ही है। प्रत्याशी भी वही हैं। सिर्फ चमरा लिंडा निर्दलीय से तृणमूल कांग्रेस के प्रत्याशी हो गये हैं। यहां भाजपा के वर्तमान सांसद सुदर्शन भगत कांग्रेस के रामेश्वर उरांव और चमरा लिंडा की गिरफ्त में फंस गये हैं। पिछली बार बड़ी मुश्किल से जीते सुदर्शन भगत की राह में चमरा ने अवरोध खड़े कर दिये हैं और रामेश्वर उरांव का पंजा सुदर्शन के कमल और चमरा के फूल-पत्ती को मसलने के लिए तेजी से आगे बढ़ा है। यहां इन तीनों प्रमुख प्रत्याशियों को एक-दूसरे की रणनीति, मेरिट-डिमेरिट की जानकारी है। इसलिए मुकाबला रोचक है। बाकी प्रत्याशियों में झाविमो के विरेन्द्र भगत की स्थिति भी थोड़ी ठीक है। बाकी सब केवल हाजिरी लगा रहे हैं। चमरा को इस बार मांडर से बंधु तिर्की का भी समर्थन हासिल है, तो सुदर्शन के लिए संघ ने पूरी ताकत झोंक दी है।
कोडरमा में भी मुकाबला त्रिकोणीय है। यहां मुकाबले के केन्द्र में माले के राजकुमार यादव हैं। यहां उन्हें हराने और जीताने के नाम पर गोलंबदी होती है और हार जाते हैं। भाजपा के प्रत्याशी प्रदेश अध्यक्ष रवीन्द्र राय और झाविमो प्रत्याशी प्रणव वर्मा के बीच कसमकस इस बात को लेकर है कि माले का मुख्य प्रतिद्वंद्वी कौन होगा। प्रणव वर्मा भाजपा में रह चुके हैं। उनके पिता रीतलाल वर्मा इस सीट से जीतते रहे हैं। रवीन्द्र राय भी स्थानीय हैं और पूरे इलाके में उनकी पकड़ मजबूत है। पार्टी भी उनके साथ लगी हुई है। नरेन्द्र मोदी उनके लिए भी रैली कर चुके हैं। राजनाथ सिंह भी जनसभा कर चुके हैं। इसीलिए प्रणव वर्मा उनसे आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं। कुल मिलाकर यहां भी भाजपा, झाविमो, मामले में ही मुख्य मुकाबला है। कांग्रेस होड़ से बाहर हो चुकी है, लेकिन आजसू गंभीर उपस्थिति दर्ज करा रही है।

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