‘सबसे बड़ी पलटी खा सकता है मोदी का भारत’

एजेंसी
मुंबई: जापानी ब्रोकरेज फर्म नोमुरा ने कहा है कि अगले पांच साल में उभरते बाजारों में भारत सबसे बड़ी पलटी खाने वाला मुल्क बन सकता है। इस उम्मीद के पीछे नोमुरा को विकास के लिए प्रतिबद्ध मोदी सरकार और रिजर्व बैंक की नीतियां नजर आ रही हैं। नोमुरा ने कहा, आरबीआई में रघुराम राजन का होना और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विशाल जीत भारत के लिए खेल बदलने वाले कारक साबित हो सकते हैं। अगर कहा जाए कि अगले पांच साल में भारत अर्थव्यवस्था के मामले में सबसे बड़ी पलटी खाने वाला मुल्क बन सकता है तो कुछ ज्यादा नहीं होगा। एक बयान जारी कर नोमुरा ने कहा कि उद्योगों के प्रति सकारात्मक व क्रियाशील मोदी सरकार लालफीताशाही को खत्म करके सप्लाई साइड में बड़े सुधार और महंगाई के खिलाफ रिजर्व बैंक की जंग साथ-साथ जारी रहेगी। नोमुरा के मुताबिक अगर इस तरह की नीतियां लागू की जाती हैं तो निवेश 10 फीसदी तक बढ़ सकता है जिससे विकास दर 7 फीसदी तक जा सकती है। अगर निवेश की वृद्धि दर 15 फीसदी तक चली जाती है तो पिछले दो वित्त वर्षों से 5 फीसदी से नीचे चल रही जीडीपी विकास दर 8 पर्सेंट तक भी बढ़ सकती है।

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समलैंगिकों के अधिकारों के पक्ष में हर्षवर्धन

एजेंसी
नई दिल्ली: बीजेपी नेता और केंद्रीय   स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने कहा है कि समलैंगिकों के अधिकारों की रक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है। उनका यह बयान उनकी पार्टी भारतीय जनता पार्टी के रुख के उलट है। बीते साल जब सुप्रीम कोर्ट ने समलैंगिकता तो अपराध माना था तो बीजेपी ने इस फैसले का समर्थन किया था। हर्षवर्धन ने कहा, समलैंगिकों समेत सभी मानवाधिकार होते हैं। उनके अधिकारों की रक्षा करना सरकार का काम है। हालांकि, जब उनसे पूछा गया कि उनकी पार्टी का रुख इस मामले में अलग है तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। बीते साल जब सुप्रीम कोर्ट ने धारा 377 के तहत समलैंगिक सेक्स को अननैचरल करार दिया था, तब विपक्ष में रही भारतीय जनता पार्टी ने इसका समर्थन किया था। तब पार्टी के अध्यक्ष रहे राजनाथ सिंह ने कहा था कि समलैंगिक संबंध अप्राकृतिक होते हैं। पार्टी के अन्य सीनियर नेता अरुण जेटली ने हालांकि उदारवादी रुख अपनाते हुए कहा था कि वह सुप्रीम कोर्ट के फैसले के पक्ष में नहीं हैं। अभी इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है।

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सावन मास बहै पुरवाई, बरधा बेंचि बेसाहो गाई

रांची : सूखे लेकर वैज्ञानिकों से लेकर सरकार तक भले ही पसोपेश में हो, लेकिन महाकवि घाघ की कहावतों को याद करें तो प्रकृति का लक्षण सूखे की सूचना दे रहा है। सावन माह के पांच दिन बीत गए, लेकिन बारिश की स्थिति चिंताजनक है। अभी खरीफ की फसल दस प्रतिशत भी नहीं बोई जा सकी है। जिन लोगों ने निजी संसाधनों से धान की बेड़ लगा भी ली, अब आसमानी पानी न मिलने से उसकी पत्तियां पीली पड़ने लगी हैं। घाघ ने लिखा है- सावन मास बहै पुरवाई, बरधा बेंचि बेसाहो गाई। अर्थात जब सावन में पूर्वा हवा चले तो समझो सूखा पड़ेगा। ऐसे में किसान को चाहिए कि वह बैल बेच कर गायें खरीद ले, क्योंकि वर्षा न होने की स्थिति में गाय से वह अपना निर्वाह कर लेगा। झारखंड में बिल्कुल यही स्थिति है। मानसून ने झारखंड को दगा दे दिया है। सूखे के आसार पैदा हो गये हैं। कम बारिश से खेतों में बिचड़े सूख रहे हैं। इसे देखकर किसानों की रूलाई फूट रही है। पानी नहीं बरसने की वजह से धान की रोपाई मात्र 9.94 प्रतिशत ही हो पायी है। जुलाई खत्म होने में मात्र 12 दिन ही शेष रह गये हैं। लेकिन अब तक मात्र 172.7 मिमी ही बारिश हुई है जबकि इस माह में सामान्यत: 327 मिमी बारिश होती है। कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार अप्रैल से अब तक 590.8 मिमी बारिश होती है लेकिन 363.2 मिमी ही बारिश हुई यानी 237.6 मिमी कम पानी बरसा है। मानसून से राज्य में सामान्यत: 1300 मिमी बारिश होती है लेकिन इस बार जो स्थिति बनी है, उससे यही लगता है कि आंकड़ा 900 मिमी से ज्यादा पार नहीं करेगा। कम बारिश से आने वाले समय में पेयजल की भी समस्या पैदा हो सकती

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महिला को निर्वस्त्र कर पीटा

एजेंसी
जहानाबाद: जहानाबाद-एकंगरसराय राष्टÑीय राजमार्ग संख्या 110 स्थित नगर थाना क्षेत्र के अलगना मोड़ के पास बुधवार की देर रात बेकाबू भीड़ ने एक महिला को निर्वस्त्र कर उसकी बेरहमी के साथ पिटायी कर दी। भीड़ ने उसके घर में मौजूद स्थानीय राजाबाजार निवासी मुन्ना कुमार को भी नहीं बख्शा। इतना ही नहीं पीड़िता की बेटी तथा बेटे के साथ भी मारपीट किया। बिहार के मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिये है। वहीं, राज्य महिला आयोग ने इस पूरे प्रकरण की निंदा करते हुए सख्त कार्रवाई किए जाने की वकालत की है।
उस पर गया जिले के अलीपुर थाना क्षेत्र के शक्ति विगहा गांव निवासी ओम प्रकाश उर्फ चुन्नू नामक एक युवक का अपहरण कर हत्या कर दिये जाने का आरोप लग रहा था। चुन्नू पटना में प्रापर्टी डीलर का काम करता था। वह मंगलवार से अपने मकान मालिक के साथ गायब था। परिजनों का कहना है कि चुन्नू ने अपने पिता तथा एक साथी के मोबाइल फोन पर 40 वर्षीय संगीता के घर हत्या की साजिश किये जाने का मैसेज किया था और तब से उसका मोबाइल फोन बंद था।
इस सूचना के आधार पर चुन्नू के परिजन बुधवार की शाम संगीता के घर पहुंचे थे। परिजनों का कहना है कि उक्त महिला के जवाब से वे लोग संतुष्ट नहीं थे परिणामस्वरुप उन लोगों ने इसकी जानकारी एसपी आदित्य कुमार को दी। एसपी के निर्देश पर नगर थानाध्यक्ष नागेन्द्र सिंह तथा महिला थानाध्यक्ष प्रीति कुमारी पुलिस बल के साथ उसके घर पहुंचे। पहले तो न्यायालय के आदेश का हवाला देते हुए संगीता ने घंटों पुलिस वालों को अपने घर में घुसने से मना कर दिया। इसी बीच बड़ी संख्या में चुन्नू के ग्रामीण तथा सगे संबंधी भी वहां आ पहुंचे जबकि आसपास के लोग भी उस महिला के प्रति काफी गुस्से में थे। हालांकि एसडीपीओ एसएम वकील अहमद, नगर थानाध्यक्ष तथा महिला थानाध्यक्ष द्वारा उसके घर की तलाशी ली गयी   लेकिन जिस युवक की हत्या की बात कही जा रही थी उसका शव बरामद नहीं हुआ। इसी बीच भीड़ का आक्रोश बढ़ गया और दोनों ओर से पथराव भी हुआ। स्थिति को बिगड़ते देख संगीता अपने पुरे परिवार के साथ पास के मकान में भाग खड़ी हुई। बेकाबू भीड़ उसके मकान में जा घुसी। उन लोगों ने घर में रखे मोटरसाइकिल, टीवी, फ्रिज आदि सामानों को आग के हवाले कर दिया जबकि अन्य सामानों को तहस नहस कर डाला।
तकरीबन साढ़े बारह बजे रात्रि में पुन: भीड़ उसके मकान में जा घुसी। जहां मौजूद मुन्ना कुमार की बेरहमी के साथ पिटाई कर डाली। इसी बीच एसपी भी वहां पहुंचे और उनके हस्तक्षेप से किसी तरह मुन्ना को अस्पताल लाया गया। उन्होंने बताया कि इस मामले के दोषियों को बख्शा नहीं जायेगा। मुन्ना लारा दी गई जानकारी के आधार पर पुन: भीड़ पास के एक मकान में जा घुसी जहां से मारपीट करते निर्वस्त्र संगीता को बाहर निकाला गया। भीड़ इस कदर आक्रोशित था कि पुलिस का अक्का-बक्का भी नहीं चला। पुलिस की कड़ी मशक्कत के बाद संगीता को उसी स्थिति में सदर अस्पताल लाया गया। गंभीर स्थिति में संगीता तथा मुन्ना को पीएमसीएच भेजा गया है। हालांकि भीड़ उन दोनों को पुलिस को सौंपने को तैयार नहीं था। वे लोग हत्या के कथित आरोपी महिला को खुद सजा देना चाहते थे।

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अब संस्कृत पर वाइको का गुस्सा

एजेंसी
चेन्नै: हिंदी भाषा पर दिए आदेश को लेकर आलोचना झेलने के बाद एक बार फिर बीजेपी को तमिलनाडु में उसकी सहयोगी पार्टी एमडीएमके का गुस्सा झेलना पड़ रहा है। इस बार एमडीएमके का गुस्सा हिंदी को लेकर नहीं, बल्कि संस्कृत को लेकर है। पार्टी ने गुरुवार को सीबीएसई स्कूलों में मनाए जाने वाले संस्कृत सप्ताह पर ऐतराज जताया है। एमडीएमके ने सीबीएसई की ओर से स्कूलों को प्रायोगिक आधार पर संस्कृत सप्ताह मनाने से जुड़ा सर्कुलर जारी करने पर निशाना साधते हुए कहा कि बीजेपी छात्रों पर संस्कृत को थोपने का प्रयास कर रही है। पार्टी सुप्रीमो वाइको ने केंद्र पर संस्कृत के जरिए दूसरी भाषाओं पर प्रभुत्व जमाने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। वाइको ने सर्कुलर वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि समूह विशेष की भाषा को दूसरों पर थोपना खतरनाक है। तमिलनाडु कभी इसकी इजाजत नहीं देगा। एमडीएमके प्रमुख वाइको ने कहा कि सीबीएसई का सर्कुलर भारत के बहुलतावाद पर हमला है। सीबीएसई के दिशा-निर्देश में संस्कृत को सभी भाषाओं की जननी कहा गया है। यह विविध पृष्ठभूमि वाले छात्रों के दिल में जहरीला बीज बोने की साजिश है। एमडीएमके की नाराजगी सरकार के उस आदेश के बाद एक बार फिर सामने आई है, जिसके तहत केंद्र ने अपने सभी अधिकारियों से सरकारी कामकाज में और सोशल मीडिया पर हिंदी के प्रयोग की बात कही थी। सरकार के इस आदेश को तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता सहित प्रदेश की सभी पार्टियों ने आक्रामक और असंवेदनशील ठहराया था। आदेश का विरोध करने वालों में बीजेपी के सहयोगी दल एमडीएमके और पीएमके भी शामिल थे। इस विरोध ने सरकार को यह स्पष्ट करने के लिए बाध्य कर दिया था कि यह आदेश केवल हिंदी भाषी राज्यों के लिए है। जयललिता ने पीएम को लिखकर आपत्ति जताई थी कि सरकार द्वारा सोशल मीडिया पर हिंदी में किए गए अपडेट्स से उनके राज्य तमिलनाडु और उसके ही जैसे दूसरे राज्य अलग-थलग महसूस करेंगे। पीएमके प्रमुख रामदॉस ने कहा था कि सरकार द्वारा हिंदी थोपने का यह कदम स्वीकार नहीं किया जाएगा। वाइको ने चेतावनी देते हुए कहा था, सोए हुए बाघ को मत जगाओ। हिंदी को थोपना राष्ट्रीय एकता के लिए खतरा है। तमिलनाडु ने भी पहले हिंदी के थोपे जाने के खिलाफ अपना खून बहाया है। 60 के दशक में हिंदी को देश की एकमात्र आधिकारिक भाषा बनाने के कदम के खिलाफ तमिलनाडु में हिंसक विरोध प्रदर्शन हुआ था।

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अमेरिका और यूरोपीय संघ

ने लगाए रूस पर प्रतिबंध
एजेंसी
वॉशिंगटन: यूक्रेन की अस्थिर राजनीतिक स्थिति में सुधार के लिए उचित कदम उठाने में मॉस्को के विफल रहने पर अमेरिका ने रूस की आर्थिक सेवाओं और ऊर्जा क्षेत्रों पर अतिरिक्त व कड़े प्रतिबंध लगा दिए हैं।
यूरोपीय संघ ने भी रूस पर कड़े प्रतिबंध लगाते हुए यूरोपीय निवेश बैंक से कहा है कि वह मॉस्को के साथ नए आर्थिक समझौतों पर हस्ताक्षर न करे। इन प्रतिबंधों पर प्रतिक्रिया देते हुए रूस ने अमेरिकी प्रतिबंधों को घृणित और अस्वीकार्य बताते हुए जवाबी कार्रवाई की धमकी दी है। आतंकवाद और वित्तीय इंटेलिजेंस मामलों से संबंधित अमेरिकी उप वित्त मंत्री डेविड एस कोहेन ने कहा, रूस अपने बयानों से अलग लगातार यूक्रेन को अस्थिर करने में और अलगाववादियों को सहयोग देता रहा है। उन्होंने कहा, चूंकि रूस अंतरराष्ट्रीय व्यवहार के आम मानकों पर खरा उतरने में विफल रहा है, इसलिए हम आज रूस की आर्थिक सेवाओं और उर्जा क्षेत्रों को प्रतिबंधित कर रहे हैं। इसके साथ ही हम रुस के दो प्रमुख बैंकों और दो प्रमुख ऊर्जा कंपनियों की पहुंच अमेरिकी आर्थिक स्रोतों तक सीमित कर रहे हैं। हम आठ हथियार कंपनियों और रूस के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ कड़े प्रतिबंध लगा रहे हैं।ब्रसेल्स में बैठक के दौरान यूरोपीय संघ के नेता एकसाथ मिलकर इस बात पर भी सहमत हुए कि रूस में नए यूरोपीय पुनर्निर्माण और विकास कार्य बैंक की वित्तीय मदद को निलंबित कर दिया   जाए। रूस के उपविदेश मंत्री सरजेई रयाबकोव ने इंटरफैक्स समाचार एजेंसी से कहा, ह्यझूठे और अवास्तविक बहानों के जरिए रूस के कई वैध प्रतिष्ठानों और व्यक्तियों पर प्रतिबंध लगाने के अमेरिकी प्रशासन के नए फैसले को घृणित और पूरी तरह अस्वीकार्य के अलावा कुछ और नहीं कहा जा सकता। उन्होंने कहा कि रूस जवाबी कारर्वाई करेगा।
रयाबकोव ने कहा, हम उन नेताओं और अधिकारियों की निंदा करते हैं, जिनका ऐसे कार्यों में हाथ है। इसके साथ ही ऐसे उपाय अपनाने के अपने इरादे की पुष्टि करते हैं, जिससे वॉशिंगटन के लिए परेशानी होगी।ह्ण उन्होंने कहा, ह्यहम किसी भी तात्कालिक प्रभाव के पीछे नहीं भाग रहे। हम अमेरिकी प्रशासन द्वारा अपनाए गए तरीकों की नकल करने नहीं जा रहे। हम उकसावे वाला कोई कदम नहीं उठाएंगे और शांतिपूर्ण तरीके से काम करेंगे।

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सिंघल की मुस्लिमों को खुली धमकी

एजेंसी
नई दिल्ली: विश्व हिंदू परिषद के नेता अशोक सिंघल ने मुस्लिमों को खुली धमकी दी है। सिंघल ने कहा कि अल्पसंख्यक समुदायों को हिंदुओं की भावनाओं का सम्मान करना सीखना होगा। वे अगर ऐसा नहीं करेंगे, तो लंबे समय तक वजूद में नहीं रह पाएंगे। वहीं सिंघल ने मोदी की तारीफ करते हुए उन्हें आदर्श स्वयंसेवक बताया। सिंघल के इस विवादित बयान का बीजेपी और शिवसेना ने बचाव किया है।
वीएचपी नेता ने कहा कि हालिया लोकसभा चुनावों से यह साबित हुआ है कि चुनाव मुस्लिमों के सपोर्ट के बिना भी जीते जा सकते हैं। सिंघल ने आगे कहा कि मुस्लिमों को यूनिफॉर्म सिविल कोड की स्वीकार करना चाहिए तथा अयोध्या, काशी और मथुरा पर अपना दावा छोड़ देना चाहिए। कांग्रेस, सीपीएम समेत दूसरी विपक्षी पार्टियों ने सिंघल के इस बयान पर कड़ा ऐतराज जताया है। कांग्रेस नेता राजीव शुक्ला ने कहा कि वे इस तरह की राजनीति लंबे समय से करते रहे हैं। यह उनकी राजनीतिक की बुनियाद है। हमारे लिए भारत एक है और देश के हर नागरिक को सरकार चुनने का समान अधिकार है। मुझे नहीं लगता कि नरेंद्र मोदी सिंघल के बयान से सहमत होंगे।
एनसीपी नेता तारिक अनवर ने कहा, अशोक सिंघल की मानसिकता किसी से छिपी हुई नहीं है। यह छोटी विचारधारा के लोग हैं। ये अपनी दुकान चलाना चाहते हैं। भारत एक अनोखा देश है, जहां बहुमत को अल्पसंख्यक से डराने की कोशिश होती है। ये वही लोग हैं जो हिंदुओं को हमेशा डराकर रखना चाहते हैं। बीजेपी और शिवसेना ने सिंघल के बयान का समर्थन किया है।
बीजेपी सांसद विनय कटियार ने कहा कि सिंघल ने कुछ भी गलत नहीं कहा है। वहीं शिव सेना के प्रवक्ता संजय राउत ने कहा कि सिंघल के विचार राष्ट्रीय भावना को प्रकट करते हैं। बीजेपी नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने भी सिंघल का बचाव किया। नकवी ने कहा कि मैंने उनका लेख पढ़ा है और उन्होंने कहा है कि लोकसभा चुनावों में मुस्लिम समाज का राजीतिक शोषण करने वाले बेनकाब हुए हैं। बीजेपी ने सबका साथ सबका विकास के साथ चुनाव लड़ा है।
मोदी सबका विकास कर रहे हैं। सिंघल ने उन सेक्युलर सूरमाओं को आईना दिखाया है, जो सेक्युलरिज्म को अपनी राजनीतिक बैसाखी बनाते रहे हैं।

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मुश्किल में वैदिक

एजेंसी
नई दिल्ली : भारत के मोस्ट वॉन्टेड हाफिज सईद से मुलाकात को लेकर पत्रकार वेद प्रताप वैदिक पर शिकंजा कसता ही जा रहा है। वाराणसी और इंदौर की अदालतों में उनके खिलाफ शिकायतें दर्ज होने के बाद अब नैशनल इंटेलिजेंस एजेंसी (एनआईए) उनसे पूछताछ करने की तैयारी कर रही है। गृह मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि उनसे पूछताछ की जा सकती है कि वह हाफिज सईद तक कैसे पहुंचे और दोनों के बीच क्या बात हुई। उन्हें जल्द ही नोटिस भेजे जाने की संभावना है।
इसके अलावा जांच एजेंसी वैदिक से यह भी जानना चाहेगी कि हाफिज सईद से   मुलाकात के बाद उसके बारे में उनका क्या आकलन है। सूत्रों न बताया कि वैदिक से फिलहाल 26/11 से जुड़े मामले के गवाह के तौर पर पूछताछ होगी, लेकिन उनकी सईद से मुलाकात के बार में कोई नाकारत्मक बात सामने आई तो उन्हें बाद में आरोपी भी बनाया जा सकता है।
कानून के मुताबिक, जांच एजेंसी भगोड़े अपराधी से मिलने वाले किसी भी शख्स से पूछताछ कर सकती है। एनआईए मुंबई में साढ़े पांच साल पहले हुए हमले की जांच कर रही है और इस मामले में पाकिस्तानी मूल के अमेरिकी नागरिक डेविड हेडली से भी पूछताछ कर चुकी है। वैदिक वाले मामले में मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच भी पूछताछ कर सकती है, क्योंकि वह भी 26/11 केस की जांच कर रही है और उसके पास वैदिक को पूछताछ के लिए बुलाने का अधिकार है।
गृह मंत्रालय के एक सीनियर अधिकारी ने बताया, वैदिक से इस बात की पूछताछ होनी चाहिए कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई की सुरक्षा में होने के बावजूद वह सईद तक कैसे पहुंच बनाने में सफल रहे।ह्ण उन्होंने कहा कि जांच एजेंसी वैदिक से जानना चाहेगी कि सईद ने विभिन्न मुद्दों पर उनसे क्या कहा और अगर उसने भविष्य की योजनाएं बताईं, तो वे क्या हैं।
इससे पहले बुधवार को वैदिक के खिलाफ वाराणसी के मुख्य न्यायिक मैजिस्ट्रेट (सीजेएम) कोर्ट में देशद्रोह का केस दर्ज कराया गया। 25 जुलाई को मामले पर सुनवाई होगी। इंदौर में भी वैदिक के खिलाफ कोर्ट में शिकायत की गई कि वैदिक के खिलाफ देशद्रोह और विद्रोह की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जाए।

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जर्मनी फिर बना नंबर एक, भारत तीन पायदान चढ़ा

एजेंसी
नई दिल्ली : विश्व चैंपियन जर्मनी चौथी बार फुटबॉल महाकुंभ में परचम लहराने के दम पर फीफा विश्व रैंकिंग में फिर से शीर्ष पर काबिज हो गया है। इस बीच भारत ने भी अपनी रैंकिंग में कुछ सुधार किया है और वह तीन पायदान उपर 151वें नंबर पर पहुंच गया है। जर्मनी ने ब्राजील के रियो डि जनेरियो में खेले गये विश्व कप फाइनल में अर्जेंटीना को 1-0 से हराया था, जिससे उसे एक पायदान का फायदा हुआ और वह फिर से दुनिया की नंबर एक टीम बन गयी। लियोनेल मेस्सी की अगुवाई वाली अर्जेंटीना का विश्व चैंपियन बनने का सपना पूरा नहीं हो पाया लेकिन आज जारी ताजा विश्व रैंकिंग में उसे भी तीन स्थान का फायदा हुआ है और वह जर्मनी के बाद दूसरे नंबर पर पहुंच गया है। नीदरलैंड ने विश्व कप में शानदार प्रदर्शन किया और तीसरा स्थान हासिल किया। इससे वह 12 पायदान की लंबी छलांग लगाकर तीसरे नंबर पर पहुंच गया है। मेजबान ब्राजील विश्व कप में चौथा स्थान ही हासिल कर पाया और इसका असर उसकी रैंकिंग पर भी पड़ा है। वह चार पायदान नीचे सातवें स्थान पर खिसक गया लेकिन कोलंबिया चार पायदान उपर चौथे और बेल्जियम छह पायदान उपर पांचवें स्थान पर पहुंचने में सफल रहे। उरूग्वे भी एक पायदान उपर छठे स्थान पर काबिज हो गया है। नीदरलैंड की तरह कोस्टारिका ने भी 12 पायदान की लंबी छलांग लगायी है और वह 16वें स्थान पर पहुंच गया है। फ्रांस सात पायदान के सुधार के साथ शीर्ष दस में जगह बनाने में सफल रहा लेकिन 2010 का चैंपियन स्पेन को पहले दौर में बाहर होने का नुकसान भुगतना पड़ा और वह सात स्थान नीचे आठवें नंबर पर खिसक गया। पहले दौर में बाहर होने वाली एक अन्य टीम इग्लैंड दस पायदान नीचे 20वें स्थान पर खिसक गया है। स्विटजरलैंड शीर्ष दस में शामिल है लेकिन उसे तीन स्थान का नुकसान हुआ है और वह नौवें स्थान पर है। इस बीच भारत ने अपनी रैंकिंग में तीन स्थान का सुधार किया है। भारत अब फीफा विश्व रैंकिंग में 151वें और एशियाई फुटबाल परिसंघ (एएफसी) के देशों में एक पायदान उपर 27वें स्थान पर पहुंच गया है। पिछले महीने भारत विश्व रैंकिंग में सात पायदान नीचे खिसक गया था। एशिया की केवल दो टीमें विश्व रैंकिंग में शीर्ष 50 में शामिल हैं। जापान अब ईरान को पीछे छोड़कर एशिया में शीर्ष पर पहुंच गया है लेकिन विश्व रैंकिंग में वह एक स्थान के फायदे के साथ 45वें स्थान पर है। ईरान को छह स्थान का नुकसान हुआ है और वह एशिया में दूसरे और विश्व रैंकिंग में 49वें स्थान पर हैं। विश्व कप में भाग लेने वाली एएफसी की दो अन्य टीमें दक्षिण कोरिया एक पायदान उपर 56वें और आस्ट्रेलिया 14 पायदान नीचे 76वें स्थान पर खिसक गया। एएफसी में शामिल देशों में ये दोनों टीमें क्रमश: चौथे और आठवें स्थान पर हैं। एशिया की सभी टीमें विश्व कप के पहले दौर में बाहर हो गयी थी।

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टीम इंडिया की पहली पारी लड़खड़ाई

एजेंसी
लंदन : टीम इंडिया और इंग्लैंड के बीच लॉर्ड्स की घास वाली पिच टीम इंडिया पर भारी पड़ती नजर आ रही है। पहले बल्लेबाजी करने उतरी टीम इंडिया ने खबर लिखे जाने तक 55 ओवर की समाप्ति पर 140 रन पर ही छह विकेट खो दिए थे। फिलहाल स्टुअर्ट बिन्नी  6 और अजिंक्य रहाणे 26 रन बनाकर क्रीज पर जमे हुए थे। शिखर धवन, मुरली विजय और विराट कोहली और चेतेश्वर पुजारा, कप्तान धोनी एक और रवीन्द्र जडेजा महज तीन रन बनाकर पवेलियन लौट चुके थे। भारत ने अपना पहला विकेट मैच के तीसरे ओवर में ही खो दिया। शिखर धवन एंडरसन की गेंद पर महज 7 रन बनाकर आउट हो गए। इसके बाद मुरली विजय भी कुछ खास नहीं कर चुके और 24 रन बनाकर प्लंकेट का शिकार हो गए। विराट कोहली अच्छी लय में नजर आ रहे थे लेकिन एंडरसन की घातक गेंद उनका विकेट ले गई। पुजारा भी 28 रन बनाकर स्ट्रोक्स की गेंद पर क्लीन बोल्ड हो गये। इससे पहले इंग्लैंड ने टॉस जीतकर भारत को पहले बल्लेबाजी का न्योता दिया। दोनों टीमों ने नॉटिंघम टेस्ट में खेलने वाली टीम को ही मैदान में उतारा।  लॉर्ड्स की पिच पर कुछ घास दिख रही है। शायद इसी घास को देखते हुए इंग्लैंड के कप्तान ने पहले गेंदबाजी चुनी। गौरतलब है कि नॉटिंघम के सपाट मैदान पर दोनों ओर से शानदार बैटिंग देखने को मिली थी। इसके अलावा दोनों टीमें नॉटिंघम से अपने साथ एक विवाद की छाया लेकर भी आई हैं। एंडरसन ओर जडेजा की नोकझोंक का मामला आईसीसी के पास है और जल्द ही इस पर सुनवाई होनी है। टीम इंडिया ने एंडरसन पर जिस तरह के इल्जाम लगाए हैं, उनके अनुसार एंडरसन पर 4 टेस्ट मैचों तक का बैन लग सकता है। जडेजा पर आरोप साबित हुए तो उन्हें भी अपनी मैच फीस गंवानी पड़ सकती है या एक मैच का बैन भी झेलना पड़ सकता है।

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